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Yogi Sarkar 2.0: होली से पहले हो योगी मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण! तीन डिप्टी सीएम संभव

लखनऊ. Yogi Sarkar 2.0- यूपी विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद अब नई सरकार के गठन पर मंथन शुरू हो गया है। चर्चा है कि होली से पहले 15 मार्च को योगी सरकार का शपथ ग्रहण हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, 15, 16 और 21 मार्च की तीन तारीखें केंद्रीय संगठन को भेजी गई हैं, वहीं से डेट फाइनल होगी। शपथ ग्रहण कार्यक्रम को भव्य बनाने की तैयारी है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के अलावा बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। योगी मंत्रिमंडल में नये चेहरों के साथ ही सहयोगी दलों को भी जगह मिलना तय है। चर्चा है कि योगी मंत्रिमंडल में इस बार डिप्टी सीएम की संख्या तीन हो सकती है, जिनमें से एक दलित भी हो सकता है।

योगी मंत्रिमंडल कौन से चेहरे शामिल होंगे? दिल्ली में होने वाली बैठक में इस पर मुहर लगेगी। मंत्रिमंडल में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। नये चेहरों में कन्नौज से चुनाव जीते रिटायर्ड आईपीएस असीम अरुण या फिर आगरा ग्रामीण से विधायक बनीं बेबी रानी मौर्य को बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। इनमें से किसी एक को डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है, क्योंकि भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि बसपा का कोर दलित वोट उन्हें मिला है, इस वजह से भाजपा किसी दलित नेता को उपमुख्यमंत्री की कुर्सी देकर उन्हें अपनेपन का मैसेज देगी। इसके अलावा कई और नये चेहरों को मंत्रीपद दिया जा सकता है।

सहयोगी दलों का रखा जाएगा ध्यान
2024 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए योगी की नई सरकार में अपना दल और निषाद पार्टी को भी पूरा प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। 6 सीटें जीतने वाली निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है जबकि 12 सीटें जीतने वाले अपना दल से एमएलसी व अनुप्रिया के पति आशीष पटेल के अलावा कम से कम दो विधायकों को मंत्रीपद दिया जा सकता है।

इन नये चेहरों का मंत्री बनना तय!
बीजेपी सूत्रों की मानें तो पीएम मोदी के करीबी रिटायर्ड आईएएस एके शर्मा और लखनऊ की सरोजनी नगर से विधायक बने पूर्व ईडी अफसर राजेश्वर सिंह और देवरिया से विधायक शलभमणि त्रिपाठी का मंत्री बनना तय है। इसके अलावा भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह सहित संगठन के कुछ नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। लेकिन, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य सहित 11 मंत्री अपनी सीटें नहीं बचा पाये जिनकी मंत्रिमंडल में वापसी मुश्किल दिख रही है। हालांकि, केशव प्रसाद मौर्या अभी एमएलसी हैं, लिहाजा उन्हें दोबारा मौका मिल सकता है।