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Yogi Sarkar Oath Ceremony: योगी मंत्रिमंडल में 40 से अधिक मंत्री लेंगे शपथ, ऐसा भव्य होगा योगी का शपथ ग्रहण समारोह

लखनऊ. Yogi Sarkar Oath Ceremony- 25 मार्च को योगी आदित्यनाथ दूसरी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। योगी के साथ ही 40 से अधिक मंत्री भी शपथ ले सकते हैं। इनमें करीब दो दर्जन कैबिनेट मंत्री, 10 से 12 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और 10 से अधिक राज्य मंत्री बनाए जाने की चर्चा है। 24 मार्च को योगी आदित्यनाथ को विधायक दल का नेता चुना जाएगा। योगी सरकार के पहले कार्यकाल के कई मंत्रियों को दोबारा मौका मिलने की संभावना है जबकि नॉन परफॉर्मेंस के आधार कई पुराने मंत्रियों को बाहर किया जाएगा। बीजेपी आलाकमान ने शपथ लेने वाले मंत्रियों की लिस्ट फाइनल कर ली है। योगी मंत्रिमंडल में पीएम मोदी के सबका साथ, सबका विकास सबका विश्वास और सब का प्रयास की झलक भी देखने को मिलेगी। पार्टी इन चेहरों के जरिए सामाजिक और जातीय समीकरण साधने की कोशिश करेगी। साथ ही पूरब से पश्चिम तक संतुलन बनाने का भी प्रयास होगा। मंत्रिमंडल में ऐसे चेहरों को तवज्जो दी जाएगी जो आगामी 15-20 साल तक प्रदेश में अपने क्षेत्र व समाज में पार्टी का नेतृत्व कर सकें।

विजय मुहूर्त में शपथ ग्रहण समारोह
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 25 मार्च को विजय मुहूर्त में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, इस मुहूर्त में कोई भी शुभ कार्य करने से भविष्य के कार्यों में कोई बाधा आने की संभावना न के बराबर है। शुक्रवार को दोपहर 12:30 बजे तक राहुकाल रहेगा। तीन बजे से चार बजे के बीच विजय मुहूर्त रहेगा। इस दौरान योगी और उनके मंत्री शपथ लेंगे। 25 मार्च को सुबह 8 बजे से 10 बजे के बीच भाजपा के कार्यकर्ता व पदाधिकारी हर सेक्टर के प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना करेंगे। घंटा-घड़ियाल बजेंगे। हर जिले में प्रमुख चौराहों-बाजारों पर होर्डिंग-बैनर लगाये जाएंगे और साज-सजावट भी की जाएगी। इस दौरान स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा।

हर वर्ग की हिस्सेदारी, साधु-संतों को भी बुलावा
राजधानी लखनऊ के इकाना स्टेडियम में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह को यूपी की जीत जैसा शानदार बनाने की पूरी तैयारी चल रही है। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह के अलावा करीब 200 वीवीआईपी के आने उम्मीद है। समारोह के लिए प्रदेश भर से करीब 50 हजार कार्यकर्ताओं को बुलाया गया है। साथ ही हर जिले से समाज के अलग-अलग वर्गों, समाजसेवियों, लेखकों-साहित्यकारों, डॉक्टरों, इंजीनियरों, व्यापारियों के साथ साधु-संतों को भी न्योता भेजा जा रहा है। सभी विधायकों, सांसदों व पूर्व मंत्रियों के साथ ही विपक्ष के बड़े चेहरों को भी न्यौता भेजा जा रहा है। इसके अलावा सरकार के स्तर से विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री व अन्य अहम चेहरों को आमंत्रित किया गया है। पार्टी की ओर से शपथ ग्रहण में आमंत्रित कार्यकर्ताओं के रुकने, भोजन और वाहन आदि का भी इंतजाम किया जाएगा। राजधानी लखनऊ के होटलों में दो दिन के लिए 5000 कमरों को बुक किया गया है। सरकार गेस्ट हाउस में भी नेताओं और बाहर से आने वाले अतिथियों के रुकने का इंतजाम होगा।

इन्हें मंत्रीपद मिलना तय!
सूत्रों की मानें तो श्रीकांत शर्मा, सिद्धार्थनाथ सिंह, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, आशुतोष टंडन, बृजेश पाठक, जितिन प्रसाद, सूर्य प्रताप शाही, मोहसिन रजा, अनिल राजभर और संदीप सिंह का मंत्रिमंडल में शामिल होना तय माना जा रहा है। नई टीम में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को भी शामिल किया जाएगा। इसके अलावा पूर्व आईपीएस असीम अरुण, राजेश्वर सिंह, एके शर्मा, बेबी रानी मौर्य, अंजुला माहौर, मनोहरलाल मन्नू कोरी और प्रतिभा शुक्ला को भी मंत्री बनाया जा सकता है। विपिन वर्मा डेविड, धर्मपाल सिंह, मनीषा अनुरागी, कृष्णा पासवान, राजीव सिंह, योगेंद्र उपाध्याय, बृजेश सिंह, अमित अग्रवाल, डा, जीएस धर्मेश, जयप्रकाश निषाद सहित कई अन्य नाम भी मंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं। सहयोगी दलों में अपना दल (एस), निषाद पार्टी को एक-एक कैबिनेट मंत्री का पद मिल सकता है। मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले कई नाम चौंकाने वाले हो सकते हैं।

नए मंत्रियों के लिए बंगले और गाड़ियां तैयार
राज्य संपत्ति विभाग ने योगी सरकार 2.0 में मंत्री पद की शपथ लेने वालों के लिए 60 बंगले और 200 गाड़ियां तैयार कर ली हैं। कुछ गाड़ियां किराये पर भी मंगवाई गई हैं। चुनाव जीतकर आये प्रतिनिधियों को आवास आवंटित कर दिये गये हैं, जबकि हारे प्रतिनिधियों से आवास खाली करने को कहा गया है। मंत्रियों को उनके कद के मुताबिक, गाड़ी और बंगले आवंटित किये जाएंगे। शपथ लेते ही मंत्रियों को गाड़ियां आवंटित कर दी जाएंगी। पिछली सरकार में जो मंत्री थे और चुनाव के पहले दूसरे दलों में चले गये थे, उन्हें बंगला खाली कराने का नोटिस थमा दिया गया है। विभाग के मुताबिक, जो भी बंगला धारण करने की श्रेणी में नहीं आते हैं, उन्हें बंगला खाली करने की नोटिस दी गई है।