Wednesday , February 8 2023

चुनाव लड़ने के लिए योगी के बाद अखिलेश ने भी चुनी ‘सेफ’ सीट, मुलायम सिंह का खास रिश्ता है इस क्षेत्र के लोगों से

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी अपने ही गढ़ से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। कयास लगाये जा रहे थे कि अखिलेश यादव आजमगढ़ के गुन्नौर से चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन गुरुवार को समाजवादी पार्टी ने सभी कयासों पर विराम लगाते हुए ऐलान कर दिया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव मैनपुरी की करहल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। करहल अखिलेश के पैतृक गांव सैफई से महज चार किलोमीटर दूर है। इस सीट से मुलायम सिंह यादव का खासा जुड़ाव रहा है। यहीं से उन्होंने शिक्षा ग्रहण की थी और यहीं टीजिंग भी की।

समाजवादी पार्टी का गढ़ मानी जाने वाली करहल विधानसभा सीट पर सात बार सपा का कब्जा रहा है। प्रदेश में लहर किसी भी दल की रही हो, लोगों भरोसा मुलायम सिंह पर ही जताया है। वर्तमान में यह सीट समाजवादी पार्टी के ही कब्जे में हैं और सोवरन सिंह यादव विधायक हैं। 2017 में उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी को 40 हजार से अधिक वोटों से हराया था। 2012, 2009, 2002 और 2000 के उपचुनाव में भी यहां साइकिल ही दौड़ी है। 1985 के बाद से यहां के लोगों को समाजवादी विचारधारा ही पसंद आई है।

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मैनपुरी में अखिलेश की साइकिल कर देंगे पंचर : भाजपा
भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि अगर अखिलेश यादव को ही लगता है कि मैनपुरी की सीट उनके लिए सेफ है, तो उनकी इस गलतफहमी हम दूर कर देंगे। कहा कि 2022 में बीजेपी मैनपुरी में ही उनकी साइकिल पंचर कर देगी ताकि वह एक्सप्रेसवे से चढ़कर लखनऊ न पहुंच सकें।