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Success Story of Shruti Sharma: खुद तय करें अपना टाइम टेबल, घंटों नहीं लगन से करें पढ़ाई, यही है UPSC टॉपर श्रुति शर्मा की सफलता का मूलमंत्र

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नई दिल्ली. Success story of Shruti Sharma- यूपीएससी में टॉप कर बिजनौर की श्रुति शर्मा ने कमाल कर दिया है। वह कहती हैं उन्हें अपनी सफलता पर तो भरोसा था ही, लेकिन फर्स्ट रैंक पर विश्वास नहीं हुआ। सोमवार को यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा 2021 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया, जिसमें कुल 685 उम्मीदवार सफल हुए हैं। इनमें शुरू के तीन स्थानों पर लड़कियां काबिज हैं। पहले स्थान पाने वाली श्रुति शर्मा ने दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। वह सेल्फ स्टडी और धैर्य को सबसे जरूरी मानती हैं।

श्रुति का कहना है कि सिविल सर्विसेज का सिलेबस बड़ा होता है और मार्केट में स्टडी मटीरियल भी बहुत है, ऐसे में कई स्टूडेंट इन पर ही निर्भर रहते हैं। लेकिन, मेरा मानना है कि बेसिक्स पर ध्यान देना, कॉन्सेप्टस क्लियर करने के लिए खुद के नोट्स बनाना बहुत जरूरी है। इसके अलावा रिवीजन भी बेहद जरूरी है। श्रुति बताती हैं कि शुरुआत में कोचिंग गई थी। उससे मदद भी मिली, लेकिन बाद में कोचिंग छोड़ दी और सेल्फ स्टडी पर फोकस किया। इसके धैर्य बनाये रखना और मन को शांत रखना बेहद जरूरी है।

खुद तय करें अपना टाइम टेबल
श्रुति शर्मा कहती हैं कि सभी के पढ़ने का स्टाइल अलग होता है, इसलिए जरूरी है कि दूसरे के फॉर्मूले की नकल नहीं करके खुद के तरीके से पढ़ना चाहिए। अपने हिसाब से अपना टाइमटेबल बनाएं। घंटों की पढ़ाई पर श्रुति यकीन नहीं रखतीं। वह कहती हैं कि स्टडी घंटों के हिसाब से नहीं, बल्कि जितनी देर ध्यान और लगन से पढ़ सकें, उतनी देर पढ़ें। अपनी सफलता पर वह कहती हैं कि मैं बहुत खुश हूं, उन सभी की शुक्रगुजार हूं जिन्होंने मुझे इस कामयाबी को पाने में मदद की।

श्रुति शर्मा के बारे में
श्रुति शर्मा का परिवार बिजनौर से है। उनकी पढ़ाई दिल्ली से हुई है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफंस कॉलेज से हिस्ट्री ऑनर्स और फिर जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में एमए में एडमिशन लिया। सिविल सर्विसेज एग्जाम की तैयारी के लिए उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया की रेजिडेंशल कोचिंग अकैडमी को चुना। वह जितनी भी देर पढ़ती थीं, लगन से जुट जाती थीं।