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यूपी में शिक्षकों की 37 हजार पदों पर होने वाली भर्ती को लेकर बड़ी खबर, जानें कहां-कहां कितने पद और कब मिलेगी नौकरी

लखनऊ. उत्तर प्रदेश का वह युवा वर्ग जो सरकारी नौकरी (UP Government Jobs) का बेसब्री से इंतजार कर रहा था, उसके लिये खबर अच्छी नहीं है। दरअसल पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव (Vidhan Sabha Election) को लेकर आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू हो गई है। यूपी विधानसभा चुनाव (UP Vidhansabha chunav 2022) की तारीखों के ऐलान के चलते सरकारी स्कूलों (Government Schools) में होने वाली शिक्षकों की 37 हजार से अधिक पदों पर भर्ती भी रुक गई है। अब प्रदेश के युवाओं को शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति के लिए और ज्यादा लंबा इंतजार करना होगा।

प्राइमरी स्कूलों में 17 हजार सहायक अध्यापक भर्ती (17000 Assistant Teacher Recruitment in UP Primary School)
आपको बता दें कि यूपी के बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी (Basic Education Minister Dr. Satish Dwivedi) ने 24 दिसंबर को 68500 और 69000 शिक्षक भर्ती के बाद खाली बचे 17 हजार पदों पर भी नई भर्ती की घोषणा की थी, लेकिन अब तक उसका नोटिफिकेशन जारी नहीं हो सका था। वहीं इससे पहले भी बेसिक शिक्षा मंत्री परिषदीय शिक्षकों के जिले के अंदर ट्रांसफर, पंचायत चुनाव के दौरान मृत शिक्षकों के आश्रितों को क्लर्क के अधिसंख्य पदों पर नियुक्ति देने की घोषणा भी कर चुके थे, जो भी अब अधर में लटक गई है।


आरक्षित और विशेष आरक्षित वर्ग भर्ती (Reserved and Special Reserved Category Recruitment)
आरक्षित और विशेष आरक्षित वर्ग के शिक्षकों की भर्ती के लिये बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल ने चौथी सूची जारी कर दी थी। इनका जिला आवंटन करते हुए संबंधित जिलों में काउंसिलिंग कराई जानी थी, जिससे पहले ही चुनाव की तारीखें घोषित हो गईं। जिसके चलते 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के चौथे चरण में चयनित रिजर्व और विशेष आरक्षित वर्ग के 6 हजार 800 उम्मीदवारों की भर्ती भी फंसी हुई है।


एडेड जूनियर के भी परमीशन जरूरी
वहीं सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों (Aided Junior High Schools) में सहायक अध्यापकों के 1504 और प्रधान अध्यापकों के 390 यानी कुल 1894 पदों पर भर्ती भी आचार संहिता लगने के चलते प्रभावित होगी। दरअसल 17 अक्तूबर को आयोजित परीक्षा का रिजल्ट 15 नवंबर को घोषित हुआ था, लेकिन डेढ़ महीना बीतने के बाद भी अभ्यर्थियों के चयन की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी। वहीं अब आचार संहिता लगने के बाद इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग को चुनाव आयोग से परमिशन लेनी होगी।


माध्यमिक स्कूलों में भी भर्ती रूकी
सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों (Aided Secondary Schools) में प्रधानाचार्यों के लगभग 2 हजार और शिक्षकों के करीब 5 हजार पदों पर भर्ती भी अभी रोक दी गई है। माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड (Secondary Education Selection Board) ने दिसंबर में खाली पदों की सूचना ऑनलाइन मांगी थी। बोर्ड को प्रशिक्षित स्नातक और प्रवक्ता के तकरीबन 5 हजार रिक्त पदों की सूचना मिली है, जबकि प्रधानाचार्यों के 2 हजार से ज्यादा खाली पदों पर चयन होना है। इस बार प्रधानाचार्यों की भर्ती लिखित परीक्षा के जरिए कराने की तैयारी चल रही थी, लेकिन आचार संहिता के चलते ये भर्ती भी लटक गई है।

84 राजकीय विद्यालयों में होनी थी भर्ती
सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की घोषणा के तहत निर्मित 35 और अल्पसंख्यक विभाग द्वारा प्रधानमंत्री जन विकास योजना में निर्मित 49 स्कूलों में भर्ती होनी थी। इन 84 राजकीय स्कूलों में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के 1 हजार 947 पदों पर भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को अभी और इंतजार करना होगा। माध्यमिक विभाग द्वारा की जाने वाली इस नियुक्ति के लिए विभाग लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा आयोग को सूचना भेजता उससे पहले चुनाव की तारीखें घोषित हो गईं और भर्ती लटक गई।

राजकीय स्कूलों के स्वीकृत पदों की भर्ती
यूपी चुनाव को लेकर लगी आदर्श आचार संहिता (UP Adarsh Achar Sanhita) के लागू होने से राजकीय विद्यालयों में पहले से स्वीकृत ढाई हजार से ज्यादा पदों पर भी भर्ती भी अटक गई है। शिक्षा निदेशालय से मांगी गई खाली पदों की सूचना के बाद लोक सेवा आयोग को सूचना भेजी गई थी। आयोग ने कुछ बिंदुओं पर आपत्ति करते हुए निदेशालय को वापस भेज कर फिर से रिक्तियों को अपडेट करते हुए सूचना मांगी गई। जानकारी के मुताबिक कुल ढाई हजार से ज्यादा पदों की सूचना मिली थी, लेकिन यह भर्ती भी अब रुक गई है।

कुल इतने पदों की भर्ती लटकी
आपको बता दें कि परिषदीय स्कूलों में सहायक अध्यापकों की नई भर्ती के 17 हजार पद पर नियुक्ति होनी है। 69 हजार भर्ती की चौथी सूची के 6800 अभ्यर्थी अभी भी प्रतीक्षारत है। एडेड जूनियर में 1894 शिक्षकों की भर्ती होनी है। सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों 7 हजार पदों पर भर्ती की जानी है। 1947 नए सृजित पदों पर और राजकीय विद्यालयों की 2500 पदों पर नए शिक्षकों की भर्ती होनी है। इस तरह उत्तर प्रदेश में कुल 37 हजार 141 पदों के लिए अभ्यर्थियों की भर्ती यूपी चुनाव के चलते लटक गई है और इन भर्तियों के लिये बेरोजगार युवाओं का इंतजार और ज्यादा लंबा हो गया है। यानि उन्हें सरकार नौकरी के लिये अब और लंबा इंतजार करना होगा।