Wednesday , March 22 2023

यूपी बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल की खत्म, सरकार ने दियी आश्वासन, साथ ही कार्रवाईयों को लिया वापस

लखनऊ. UP electricity workers calls off strike. उत्तर प्रदेश में विरोध प्रदर्शन कर रहे बिजली कर्मचारियों ने रविवार को हड़ताल खत्म कर दी। राज्य सरकार द्वारा सभी कार्रवाइयों को वापस लेने के लिए सहमत होने के बाद अपना कार्य बहिष्कार बंद कर दिया। सरकार ने कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, इंजीनियरों के निलंबन व अनुबंधित कर्मचारियों की सेवाओं को समाप्त करने जैसी कार्रवाई की थी। इसके साथ ही सरकार ने उनकी सभी मांगों पर वार्ता कर के सर्थक परिणाम तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।

एके शर्मा ने कहा यह-

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति (वीकेएसएसएस) के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने दावा किया कि राज्य सरकार ने उनकी मांगों को “स्वीकार” कर लिया है और कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का वादा किया है। यूपी के बिजली मंत्री एके शर्मा ने भी कर्मचारी से काम पर वापस जाने और उत्पादन इकाइयों और सब-स्टेशनों की समस्याओं पर ध्यान देने की अपील की है। शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारी के साथ कई दौर की बातचीत की, जिससे संकट खत्म हुआ।

सोमवार को होना था कोर्ट में पेश-

यह हड़ताल विरोध करने वाले कर्मचारी के सोमवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सामने सोमवार को पेश होने के 24 घंटे पहले खत्म की गई है। कोर्ट ने विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति (वीकेएसएसएस) के पदाधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था, जो विरोध करने वाले कर्मचारियों का संघ था। उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को अदालत के दिसंबर 2022 के आदेश के बावजूद यूपी बिजली कर्मचारी द्वारा जारी विरोध पर नाराजगी व्यक्त की कि कर्मचारियों द्वारा “हड़ताल” के कारण बिजली आपूर्ति बाधित नहीं की जानी चाहिए।

कई बिजली उत्पादन इकाइयां हो गईं थी बंद-

कर्मचारी के विरोध के कारण कई बिजली उत्पादन इकाइयां बंद हो गईं, जिससे राज्य भर में संभावित बिजली संकट पैदा हो गया। इससे पहले दिन में कर्मचारियों ने लगातार तीसरे दिन भी कार्य बहिष्कार जारी रखने का फैसला किया जबकि राज्य के बिजली मंत्री अरविंद शर्मा कर्मचारी संघ के नेताओं के साथ वार्ता बैठक में नहीं पहुंचे। बैठक रविवार दोपहर जल निगम गेस्ट हाउस में बुलाई गई थी। गेस्ट हाउस पहुंचे दुबे ने कहा कि कर्मचारी राज्य सरकार के साथ “आगे की बातचीत के अभाव में” कार्य बहिष्कार जारी रखेंगे।