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UP Elections 2022 : पश्चिमी यूपी में स्थानीय मुद्दे गौण, चर्चा जिन्ना-पाकिस्तान और अब्बाजान की

लखनऊ. UP Elections 2022- पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जीत के लिए भारतीय जनता पार्टी ने ‘ध्रुवीकरण’ का ब्रह्मास्त्र निकाल लिया है। यहां स्थानीय मुद्दे गौण हैं, चर्चा जिन्ना, पाकिस्तान, अब्बाजान और मंदिर-मस्जिद की हो रही है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित बीजेपी के दिग्गज नेता लोगों को मुजफ्फरनगर दंगे की याद दिलाकर पुराने घावों का हरा कर रहे हैं। अमित शाह कह रहे हैं कि इस बार वोट में देने में गलती की तो दंगा कराने वाले फिर से सत्ता में आ जाएंगे। योगी कहते हैं कि सपा के लोगों की टोपियां रामभक्तों के खून से रंगी हुई हैं। बीजेपी के ध्रुवीकरण दांव से अखिलेश-जयंत की जोड़ी सजग है। 2013 में मुजफ्फरनगर दंगे के बाद से जाटों की नाराजगी झेल रहे अखिलेश यादव भाईचारे का संदेश देकर पश्चिमी यूपी को साधने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों नेताओं की कोशिश है कि भाजपा साम्प्रदायिक आधार पर मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने में कामयाब न होने पाये। यही वजह है कि गठबंधन किसानों, रोजगार, महंगाई आदि के मुद्दों पर ज्यादा फोकस कर रहा है।

यूपी विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान 11 जिलों की 58 सीटों पर 10 फरवरी को होगा। अब सिर्फ उंगलियों पर गिनने को दिन बचे हैं। नतीजन, पश्चिमी यूपी सियासी अखाड़ा बन चुका है। अमित शाह, राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा, योगी आदित्यनाथ, स्मृति ईरानी, स्वतंत्र देव सिंह, केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा जैसे दिग्गजों ने वेस्ट यूपी में डेरा डाल रखा है। 31 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पश्चिमी यूपी में वर्चुअली चुनावी बिगुल फूंकेंगे। वहीं, भाजपा से मुकाबले के लिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय लोकदल के जयंत चौधरी भी चुनाव मैदान में डटे हैं। लेकिन, पहले चरण के चुनाव प्रचार में अभी तक बसपा और कांग्रेस कमजोर दिखाई पड़ रही है। बसपा का कोई बड़ा नेता चुनाव प्रचार में नहीं दिख रहा है। हालांकि, दो फरवरी को बसपा प्रमुख मायावती की आगरा में रैली प्रस्तावित है। कांग्रेस की ओर जरूर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डटे हैं, लेकिन भाजपा-सपा के मुकाबले में कांग्रेसी कहीं पीछे हैं।

जानें- किसने क्या कहा?

  1. मुजफ्फरनगर दंगे में पीड़ितों को ही आरोपी बना दिया गया था और आरोपियों को पीड़ित। वोट देने में गलती की तो दंगा कराने वाले फिर से सत्ता में आ जाएंगे।- अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री
  2. वे ‘जिन्ना’ के उपासक है, हम ‘सरदार पटेल’ के पुजारी हैं। उनको पाकिस्तान प्यारा है, हम मां भारती पर जान न्योछावर करते हैं।- योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री उप्र
  3. उत्तर प्रदेश के नतीजे तय हैं। घबराहट में बीजेपी वालों को अब्बाजान याद आ रहे हैं। महात्मा गांधी के हत्यारों को सम्मानित करने वालों को जनता सबक सिखाएगी।- अखिलेश यादव, सपा अध्यक्ष
  4. हमें नफरत व झूठ फैलाने वालों से मुकाबला करना है। जिन्ना व औरंगजेब की बातों से जनता को कुछ लेना देना नहीं है।- जयंत चौधरी, रालोद अध्यक्ष