Tuesday , February 7 2023

…तो क्या सच में ‘बाबा’ के हाथ से कैच छूट गया है? सपा में शामिल हुए भाजपा के बागी विधायक

लखनऊ. UP Elections 2022- यूपी चुनाव से पहले भाजपा से बगावत करने वाले आठ विधायक समाजवादी पार्टी में शामिल हो गये। सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। इनमें स्वामी प्रसाद मौर्य, धर्म सिंह सैनी, भगवती सागर, विनय शाक्य, रोशनलाल वर्मा, मुकेश वर्मा, बृजेश कुमार प्रजापति, चौधरी अमर सिंह शामिल हैं। साथ ही पूर्व मंत्री व तीन बार विधायक रहे बीजेपी नेता रामहेत भारती और कांग्रेस के पूर्व विधायक यूसुफ अली भी समाजवादी पार्टी में शामिल हो गये, जिन्हें एक दिन पहले ही प्रियंका गांधी ने चमरौआ से कांग्रेस का प्रत्याशी बनाया था। अखिलेश यादव ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि अब समाजवादी और अंबेडकरवादी साथ आ गए हैं। सपा के साइकिल की रफ्तार कोई नहीं थाम सकता। वहीं, स्वामी प्रसाद मौर्या ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि 2022 में ऐसी सुनामी आएगी की बीजेपी के परखच्चे उड़ जाएंगे

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा भाजपा वाले इस बार हिट विकेट हो गए हैं। लगातार उनके विकेट गिर रहे हैं। वे लोग हमारे नेताओं की स्ट्रैटजी नहीं समझ पाए। किसी ने नहीं सोचा था मौर्या जी पूरी टीम के साथ आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि अब बाबा से कैच छूट गया है। भाजपा वाले कह रहे हैं कि यूपी चुनाव 2024 का सेमी फाइनल है, लेकिन फाइनल यही चुनाव हैं। अब चुनाव आ गया है। हम लोग इसी दिन का इंतजार कर रहे थे। अब साइकिल का हैंडल भी ठीक है, दोनों पहिए भी ठीक हैं और पैडल चालने वाले भी आ गए हैं।

बिना अनुमति सपा के कार्यक्रम पर डीएम ने मांगी रिपोर्ट
सपा कार्यालय में स्वामी प्रसाद मौर्य समेत बाकी नेताओं के पार्टी ज्वॉइन करने के दौरान बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे हुए। जबकि चुनाव आयोग ने 15 जनवरी तक ऐसे किसी भी कार्यक्रम पर रोक लगा रखी है। इस बारे में लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने कहा है कि यह कार्यक्रम बिना अनुमति के हुआ है। सूचना मिलने पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस टीम को सपा कार्यालय भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।

वंशवाद की राजनीति करने वाले सामाजिक न्याय की लड़ाई नहीं लड़ सकते : योगी आदित्यनाथ
भाजपा छोड़कर जाने वाले नेताओं पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वंशवाद और परिवार की राजनीति करने वाले सामाजिक न्याय की लड़ाई नहीं लड़ सकते। सामाजिक न्याय की लड़ाई का अर्थ है समाज के हर तबके को शासन की योजनाओं का लाभ मिले और उनके साथ सामाजिक-आर्थिक भेदभाव न हो। कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने 5 साल में सिर्फ 18,000 आवास दिए थे। गरीबों की जमीनों, मकानों पर कब्जा करना अगर सामाजिक समरसता है तो उसका मैं विरोध करता हूं।

सबको भर्ती कर लें अखिलेश परिणाम तो 300 पार ही आएगा
मंत्रियों और विधायकों के पार्टी छोड़ने पर यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री व प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि इन विधायकों के बीजेपी छोड़ने के कई कारण हैं। कुछ अपने निजी फायदे के लिए जा रहे हैं तो कुछ को डर है कि उन्हें अपनी पसंद के निर्वाचन क्षेत्र से टिकट नहीं मिलेगा। इन लोगों ने 5 साल तक बीजेपी के साथ रहकर मलाई खाने का काम किया है। क्योंकि भाजपा जनता से फीडबैक लेकर टिकट देती और काटती है, जब आपको लगा कि टिकट नहीं मिलेगा तो भाग लिये। मंत्री ने कहा कि अखिलेश के यहां तो दरवाजे खुले हुए हैं। सबको भर्ती कर लो। हमें कोई ऐतराज नहीं है। परिणाम वो ही आएगा 300 पार।