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बेटे को सपा का टिकट न मिलने पर इतने आहत हुए राजा, सदमें में चली गई उनकी जान

बाराबंकी. चुनावी दौर में हर पार्टी का बड़ा नेता उम्मीद लगाए बैठा रहता है कि उसे टिकट मिलेगा। ऐसे में लम्बे अर्से तक क्षेत्र का चेहरा बनने का सपना देख रहे नेता का अगर ऐन मौके पर टिकट कट जाए तो जाहिर है हर किसी के लिये यह काफी दिल दुखाने वाला होगा। चुनावी दौर में कई नेता ऐसे हैं जिनके टिकट कटे हैं। इनमें कुछ तो संभल गए, लेकिन कुछ ऐसे हैं जो काफी आहत हुए हैं। ऐसे ही बाराबंकी जिले में एक सपा नेता राजा राजीव कुमार सिंह थे, जो 6 बार विधायक और एक बार मंत्री रह चुके थे। यह अपने बेटे रितेश सिंह उर्फ रिंकू सिंह (Ritesh Singh Urf Rinku Singh) के लिए दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र (Dariyabad Vidhan Sabha Seat) से टिकट मांग रहे थे। लेकिन पार्टी ने यहां से पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप (Arvind Singh Gope) को टिकट दिया है और राजा के बेटे को टिकट नहीं दिया। बेटे को टिकट न मिलने से सपा नेता राजा राजीव कुमार सिंह (Raja Rajeev Kumar Singh) इतने आहत हुए कि इनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें मेदांता हॉस्पिटल (Medanta Hospital) के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया। जिसके बाद सोनवार को उनकी मौत हो गई। आपको बता दें कि राजा राजीव कुमार सिंह ने सपा की तरफ से टिकटों का ऐलान होते ही अपने समर्थकों के साथ पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। यहां तक कि उन्होंने अपने बेटे रिंकू सिंह को निर्दलीय चुनाव लड़ाने तक का इशारा कर दिया था, लेकिन अब उनकी मौत से विधानसभा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

चुनाव लड़ने की करते रहे बात
जानकारी के मुताबिक तबीयत बिगड़ने पर परिवार के लोग उन्हें इलाज के लिए दोबारा लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल ले गए थे। इलाज के दौरान उनकी हालत में कुछ सुधार हुआ, तो डाक्टरों ने उन्हें घर भेज दिया। घर पहुंचने के कुछ देर बाद उनकी तबियत बिगड़ गई। राजा राजीव कुमार सिंह बेसुध हो गए। बेहोशी की हालत में भी वो चुनाव लड़ने की बात बार-बार कहते रहे। हालत बिगड़ती देख परिजन उन्हें फिर से अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। आपको बता दें कि राजा राजीव कुमार सिंह मधुमेह और ह्रदय रोग से पीड़ित थे। तबीयत बिगड़ने पर 29 जनवरी को उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां स्वास्थ्य में कुछ सुधार होने पर उन्हें आवास पर ले आया गया था। लेकिन सोमवार सुबह उनकी तबियत फिर बिगड़ने लगी। इस पर परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए निकले ही थे कि उन्होंने दम तोड़ दिया।

6 बार रहे थे विधायक
दरअसल बाराबंकी जिले की दरियाबाद विधानसभा से सीट पूर्व मंत्री और 6 बार विधायक रहे सपा नेता राजा राजीव कुमार सिंह के बेटे रिंकू को टिकट मिलने की पूरी उम्मीद थी। लेकिन सपा ने उनके बेटे को टिकट न देकर, यहां से पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप को उम्मीदवार बनाया। बेटे का टिकट कटने से सपा नेता राजा राजीव कुमार सिंह इतने दुखी हुए कि उन्होंने अपने आवास पर सैकड़ों समर्थकों के साथ दो दिन पहले पार्टी के खिलाफ नाराजगी जताई। उस समय भी वह बेटे को टिकट न मिलने से काफी आहत नजर आ रहे थे। इसी बीच आज मेदांता अस्पताल के आईसीयू में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। ऐसे कयास लगाये जा रहे हैं कि राजा की तबीयत खराब होने के पीछे भी इसी बात का सदमा थी कि उनके बेटे को सपा ने टिकट नहीं दिया था। जिसके बाद अब उनकी मौत भी हो गई।

मोदी लहर में हारे थे चुनाव
आपको बता दें कि दरियाबाद विधानसभा सीट बाराबंकी जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर है। दरियाबाद विधानसभा सीट का दर्जा वीआईपी सीट का है। इस सीट पर राजघराने से जुड़े हुए हड़ाहा स्टेट के राजा राजीव कुमार सिंह का वर्चस्व रहा है। इस विधानसभा सीट से वह 6 बार विधायक रहे थे। सपा सरकार में वह मंत्री भी बनाए गए थे, लेकिन 2017 के मोदी लहर में वह भाजपा के युवा प्रत्याशी सतीश चंद शर्मा से चुनाव हार गए। इस बार वह अपने बेटे रिंकू सिंह के लिये इस सीट से टिकट मांग रहे थे। लेकिन सपा ने उनके बेटे को टिकट न देकर यहां से पूर्व मंत्री अरविंद सिंह को प्रत्याशी बनाया। इस बात से आहत सपा नेता राजा राजीव कुमार सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ गई और अब उन्होंने मेदांता हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।