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यूपी में पुरोहित कल्याण बोर्ड के गठन के लिए ब्राह्मण युवजन सभा ने सीएम योगी को कहा धन्यवाद, जानें- कैसे काम करेगा यह बोर्ड

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुरोहित कल्याण बोर्ड के गठन को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य होगा जहां धर्म क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए अलग से कल्याण बोर्ड होगा, ताकि उन्हें स्वास्थ्य, बीमा और मूलभूत सुविधाएं दी जा सकें। संतों के साथ-साथ ब्राह्मण समाज ने योगी सरकार के इस फैसले की खूब तारीफ की है। शनिवार को राजधानी लखनऊ में ब्राह्मण युवजन सभा की कार्यकारिणी बैठक का आयोजन किया गया जिसमें मुख्यमंत्री द्वारा पुरोहित कल्याण बोर्ड का गठन किये जाने पर उनकी प्रशंसा की गई। गौरतलब है कि यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान एक रैली को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने वादा किया था कि सरकार बनने पर वह प्रदेश में पुरोहित कल्याण बोर्ड का गठन करेंगे। इसमें संस्कृत पढ़ने वाले छात्रों को खास स्कॉलरशिप दी जाएगी।

राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सिद्धपीठ मां शाकुम्भरी पीठाधीश्वर महंत स्वामी भृगुवंशी आशुतोष पांडे ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पुरोहित कल्याण आयोग का गठन कर बहुत ही अच्छा कार्य किया है। आगे भी मुख्यमंत्री ब्राह्मणों के हित में ऐसे ऐसे गठन का कार्य करते रहें। बता दें कि कोरोना काल में लॉकडाउन में जब मंदिरों के कपाट बंद हो गए थे, उस समय पुरोहितों की स्थिति काफी चिंताजनक हो गई थी। इसके बाद से ही संतों के लिए सरकारी मदद का कोई बोर्ड गठित करने की बात चली थी। उत्तर प्रदेश के महंत मुख्यमंत्री ने इसे संभव कर दिखाया है। जल्दी ही यूपी में एक पुरोहित कल्याण बोर्ड ऐक्टिव होगा जो संतों-पुजारियों के हितों के लिए काम करेगा।

पुरोहितों को बोर्ड से क्या-क्या लाभ?

जानकारी के मुताबिक, पुरोहित कल्याण बोर्ड के लाभार्थियों में मंदिर में लंबे समय से पूजा करने वाले पुजारियों, कर्मकांड करने वाले पंडितों/पुरोहितों, मठों और आश्रमों में रहने वाले बुजुर्ग संतों आदि को शामिल किया जाएगा। बोर्ड इनके लिए स्वास्थ्य, बीमा जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित कराने के लिए काम करेगा। संतों-पुरोहितों को बेहतर जीवन देने के लिए योगी सरकार इस बोर्ड के जरिए समुचित व्यवस्था करेगी।

कैसे होगा बोर्ड का गठन?

पुरोहित कल्याण बोर्ड का योगी सरकार ने अभी सिर्फ ऐलान किया है। इसके गठन तथा संरचना को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। बोर्ड में कितने सदस्य होंगे, यह अभी तय नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि इस बोर्ड में धार्मिक क्षेत्र के लोगों के अलावा सरकार के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा।

वृद्ध संतों को होगा लाभ

प्रदेश के तमाम हिस्सों में मठों, मंदिरों और आश्रमों में तमाम संत रहते हैं, जिनका जीवन दान के सहारे चलता है। ऐसे लोगों में कई वृद्ध और अशक्त संत भी शामिल हैं। पुरोहित कल्याण बोर्ड ऐसे संतों के लिए एक लाभकारी योजना है। इसके जरिए संतों को स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। यही कारण है कि योगी सरकार के इस फैसले का संत समाज ने खुले दिल से स्वागत किया है।

पुरोहिताई को मिलेगा बढ़ावा

राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पिरोहित कल्याण बोर्ड के गठन के बाद नई पीढ़ी में कर्मकांड, संस्कृत और पुरोहिताई को लेकर प्रोत्साहन मिलेगा। आर्थिक सुरक्षा तय होने से लोग संस्कृत और कर्मकांड पढ़ने में दिलचस्पी दिखाएंगे। बैठक में मुख्य रूप से जगदीश तिवारी, गौरव कौशिक, हिमांशु राय, सुनील मिश्रा, अभिषेक मिश्रा, हिमांशु पांडे, मुकेश शर्मा सहित प्रदेश व राष्ट्रीय कार्यकारिणी के दर्जनों लोग मौजूद रहे।