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Nageshwar Nath Temple: इस मंदिर के सरसों रखने से घर में नहीं निकलते विषैले सांप, जानें पूरी डिटेल

सुलतानपुर. Nageshwar Nath Temple Sultanpur- उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले के भदैया ब्लॉक में नागेश्वर नाथ महादेव का प्राचीन मंदिर है। यह श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र है। सावन महीने में महादेव के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ता है, खासकर सोमवार के दिन। मान्यता है कि इस मंदिर में सच्चे मन से जो भी भक्त भगवान शिव की आराधना करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। कहा जाता है कि सावन मास के तीसरे और चौथे सोमवार को यहां से सरसों ले जाकर रखने से घर से विषैल सांप भाग जाते हैं। बताया तो यहां तक जाता है कि सांप डंसने के बाद मंदिर परिसर के थोडी दूर स्थित प्राचीन कुएं के जल से मंत्रोच्चार करने से सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति ठीक होकर अपने घर चला जाता है।

सुलतानपुर जिले के वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 11 किमी दूर भदैया ब्लॉक के मुरारपुर गांव के हनुमानगंज-शंभुगंज मार्ग स्थित बाबा नागेश्वर नाथ का प्राचीन मंदिर है। सावन के तीसरे और चौथे सोमवार को जलाभिषेक करने के बाद यहां से सरसों ले जाकर घर में रखने और हर कमरों में फेंकने से घर से सांप भाग जाते हैं और घर में पूरे एक साल तक सांप दिखाई नहीं देते। 

भर राजाओं बनवाया था मंदिर
स्थानीय लोगों ने बताया कि 19वीं सदी में भर राजाओं ने बाबा नागेश्वर नाथ मंदिर बनवाया था। तबसे दो बार इस मंदिर का जीर्णोद्धार हो चुका है। कहा यह भी जाता है कि महाराजा कुश ने नागेश्वर नाथ मंदिर की स्थापना की थी। सुलतानपुर के अलावा पूरे प्रदेश के लोग यहां आकर भगवान भोलेनाथ की शरण में शीश झुकाते हैं। इस मंदिर में लोग आकर सुख-समृद्धि और मोक्ष की कामना से पूजा अर्चना करते हैं।

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