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KGF chapter 2 review- पूरे हाइप को justify करती है फिल्म, यश-संजय दत्त हैं फिल्म की जान

KGF 2 review

दिल्ली. KGF chapter 2 Review. किसी फिल्म के सीक्लवेल को बनाना और उसके हाइप को जस्टीफाई करना कोई निर्देशक प्रशांथ नील से सीखे। फिल्म में वो सब कुछ है जिसकी ट्रेलर से उम्मीद की गई थी। प्रशांथ नील की केजीएफ की दुनिया डार्क, इंटेंस और दिल दहला देने वाली है। केजीएफ चैप्टर 2 वहीं से शुरू होता है जहां से चैप्टर 1 खत्म हुआ था। रॉकी केजीएफ का नया बॉस है, लेकिन अब उसके पहले से ज्यादा दुश्मन हैं और वो सभी रॉकी को मारने की रणनीति बना रहे हैं। यहां आता है गरुदा का छोटा भाई अघीरा (संदय दत्त)। अघीरा अपने छोटे भाई का बदला और केजीएफ को पाना चाहता है। रॉकी का साम्राज्य इतना बड़ा और अवैध हो चला है कि इतने देश की नई प्रधानमंत्री रमिका सेन (रवीना टंडन) का भी ध्यान आकर्षित कर लिया है, और वो रॉकी को उसके घुटनों पर लाना चाहती है। तो रॉकी के खिलाफ जब देश की प्रधानमंत्री हो, तो उसका टिकना आसान तो नहीं होगा, लेकिन क्या मॉनस्टर रॉकी वाकई में झुकता है। क्या केजीएफ की गद्दी वो छोड़ देगा। केजीएफ चैप्टर 2 इस सवालों के जवाब देती है।

केजीएफ में कई कहानी। पहले चैप्टर की तरह दूसरे भाग के भी कई सब प्लॉट्स हैं और सभी एक साथ दिखाया गया है। यहां दांत देनी होगी निर्देशक की और एडिटर की, जिनकी वजह से स्क्रीनप्ले बेहद शानदार व इडिटिंग टाइट है, कि आपको पलक झपकने तक का मौका नहीं मिलता। एक सीन छूटा मतलब बड़ा नुक्सान। फिल्म की सिनेमाटोग्राफी दिल जीत लेगी। ज्यादातर पैसा सेट्स पर खर्च किया गया है। जो काफी ग्रैंड है और बेहद खूबसूरत। हालांकी कहानी में कई खामियां हैं। कुछ सीन काफी अटपटे लगते हैं। खासतौर पर रॉकी का प्रधानमंत्री से आमने-सामने मिलना या संसद में रॉकी द्वारा एक बड़े नेता का हत्या करना। ऐसी कई बातें गले नहीं उतरती। लेकिन बावजद उसके फिल्म आपको कहीं भी बोर नहीं करती। स्टोरी टेलिंग की गति इतनी तेज है कि इंटरवल कब आ जाता है, पता ही नहीं चलता। लगभग मौने तीन घंटे की फिल्म लंबी नहीं लगती। सस्पेंस, एक्शन, ड्रामा, सब कुछ बैकग्राउंड स्कोर के साथ सरीके से पेश होता है और बहुत ओवर द टॉप नहीं लगता। सुपरस्टार यश और फिल्म में जोड़ गए नए कलाकार जैसे संजय दत्त, रवीना टंडन, प्रकाश राज के परफॉर्मेंसेस इस सिनेमॉटक एक्सपीरिंयस को यादगार भी बनाते हैं।

यश की स्क्रीन प्रेसेंस का कोई जवाब नहीं। एक्शन में तो वो जानदार हैं ही, इस बार उन्हें पहले से ज्यादा डॉयलॉग्स दिए गए हैं और अधिकतर पंच लाइन्स जो सीटियां बंटोरती हैं। बेशक इस फिल्म के बाद उनकी पैन इंडिया फैन फॉलोइिंग बढ़ने वाली है। संजय दत्त को केजीएफ चैप्टर 2 उन्हें दोबारा ऑनस्क्रीन खलनायक के रुप में स्थापित करता है। यश से उनका फेसऑफ और फाइट सीन दिल दहला देने वाले हैं। फिल्म ‘अग्निपथ’ के बाद उनके केजीएफ के रोल को याद रखे जाने वाला है और उनकी खूब चर्चा होने वाली है। रवीना टंडन प्रधानमंत्री के रोल में दमदार है। अरसे बाद उन्हें बड़े पर्दे पर देखना मजेदार है। यश की गर्लफ्रेंड के रोल में श्रीनिधि शेट्टी की परफार्मेंस भी बढ़िया। प्रकाश राज KGF के कहानीकर्ता के रोल में कमाल लगते हैं।

KGR chapter 2 को दिए जाते हैं 3.5 स्टार्स। जैसी की रॉकी भाई ने कहा कि उसे पूरी दुनिया चाहिए, ठीक वैसे ही साउथ फिल्म का देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में डंका बजने वाला है। बाहुबली, आरआर, के बाद KGF इसका बड़ा कारण है।