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सिबिल स्कोर सुधारने का सबसे आसान तरीका, जानें लोन डिफॉल्ट होने के बाद भी इसे कैसे करें ठीक

लखनऊ. सभी जानते हैं कि बैंक लोन (Bank Loan) लेने के बाद समय से न चुका पाने यानी डिफॉल्ट होने पर आपका सिबिल स्कोर (Cibil Score) खराब हो जाता है। एक उदाहरण से समझना चाहें तो जैसे कोई बच्चा परीक्षा देता है और उसके नंबर अच्छे नहीं आते। तो बाद में उन्हीं कम नंबरों के चलते बच्चे को अच्छे कॉलेज में एडमिशन नहीं मिलता। क्योंकि उसकी मेरिट नहीं बन पाती। ठीक इसी तरह से लोन लेने और डिफॉल्ट (Bank Loan Defaulter) होने पर भी होता है। कोई शख्स अगर लोन लेकर सही समय पर नहीं चुका पाता है तो उसे डिफॉल्टर के तौर पर जाना जाता है। इसी से आपका सिबिल स्कोर भी खराब हो जाता है। जिसके बाद आप अगली बार कहीं भी, किसी भी बैंक से, कितना भी लोन लेने जाएंगे तो या तो आपको लोन नहीं मिलेगा। या फिर मिलेगा भी तो, भारी पचड़े के साथ ज्यादा ब्याज पर बैंक आपको लोन देगी। ऐसे में अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सिबिल स्कोर हमेशा के लिए खराब हो जाता है। क्या उसमें कभी सुधार नहीं हो सकता। या आप अपना सिबिल स्कोर कैसे दुरुस्त कर सकते हैं।


कैसे खराब होती है सिबिल
सिबिल स्कोर को एक उदाहरण से समझा जा सकता है। जसे कि आपने अपना घर बनाने के लिए बैंक से लोन लिया। शुरू में तो लोन की किस्त (Bank Loan Installment) आप चुकाते रहे, लेकिन अचानक कोरोना के चलते लॉकडाउन लग गया और आपका धंधा मंदा हो गया। आसे में आपके सामने किस्त बंद करने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं बचता। वहीं किस्त बंद होते ही बैंक आपको डिफॉल्ट की श्रेणी में डाल देगा। हालांकि बाद में आर्थिक स्थिति ठीक हुई और आपने किस्त के बाकी बचे पैसे, साथ ही उस पर बने ब्याज को भी बैंक में चुका दिया। इससे आप ये सोचेंगे कि जो सिबिल स्कोर खराब हुआ होगा वो ठीक हो जाएगा। लेकिन जानकारों के मुताबिक इतना सबकुछ करने के बाद भी कम से कम दो साल तक आपका सिबिल स्कोर खराब ही रहता है। यानी सारे जतन करने के बाद भी दो साल तक आपका सिबिल स्कोर नहीं सुधरता और इसका सीधा घाटा आपकी कई दूसरी वित्तीय जरूरतों पर पड़ता है।


पता चलेगी सिबिल की अहमियत
जानकारों के मुताबिक सिबिल स्कोर की खराब या निगेटिव रैंकिंग हर बैंक और फाइनेंस एजेंसियों (Finance Agencies) तक पहुंच जाती है। ऐसे में जब भी अगली बार आप लोन लेने किसी बैंक में या कार लोन लेने के लिए फाइनेंस कंपनियों के पास जाएंगे, तो वे आपकी निगेटिव स्कोरिंग तुरंत पता कर लेंगे। ऐसे में या तो आपको लोन नहीं मिलेगा और अगर लोन मिल भी गया तो उसकी ब्याज दर चढ़ा-बढ़ा कर वसूल की जाएगी। तब आपको सिबिल स्कोर की अहमियत के बारे में अच्छी तरह पता चलेगा।


छोटे-छोटे प्रयासों से सुधरेगा सिबिल
जानकारों के मुताबिक आपके लेनदेन और क्रेडिट कार्ड (Credit Card) या छोटे-बड़े बिलों के भुगतान को देखते हुए आपका सिबिल स्कोर धीरे-धीरे सुधरता है। ऐसे में अगर आपका सिबिल स्कोर खराब है तो बिलों के पेमेंट में देरी न करें, समय पर बिल चुकाएं और पूरा चुकाएं। जैसे क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल चुकाएं, न कि मिनिमम ड्यू अमाउंट। इससे आपका सिबिल स्कोर सुधरता है। कई बार लोग लोन लेने और उसे सही समय पर चुकाने के बाद बैंक से एनओसी नहीं लेते। जिस वजह से सिबिल स्कोर निगेटिव में चला जाता है। ऐसे में बैंक से तुरंत एनओसी ले लें, जिससे आपका लोन अकाउंट क्लोज हो जाए। उसके बाद ही सिबिल पर आपका डेटा अपडेट होता है। यही बात क्रेडिट कार्ड के साथ भी है। अगर आप कभी भी क्रेडिट कार्ड बंद करते हैं तो बैंक से इसकी कागजी कार्रवाई पूरी करें। कार्ड बंद करने का सर्टिफिकेट बैंक से जरूर ले लें। इस तरह की तमाम छोटे-छोटे प्रयासों से आपका सिबिल स्कोर सुधरता है।


कैसे सुधारें सिबिल स्कोर

  • बकाया को तय तारीख पर जमा करें।
  • क्रेडिट कार्ड की बिलों का समय पर भुगतान करें।
  • क्रेडिट की रेटिंग खराब न होने दें।
  • सालभर सिबिल क्रेडिट स्कोर चेक करते रहे।
  • अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की जाँच करें।
  • अपने क्रेडिट कार्ड का बकाया कम करें।
  • क्रेडिट स्कोर की गलतियों को ठीक कराइये।