Monday , January 30 2023

ज्ञानवापी मस्जिद विवाद: कोर्ट का फैसला आते ही हिंदू पक्षकारों ने बांटी मिठाई, कहा- 17 मई को दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा

वाराणसी. ज्ञानवापी मस्जिद और श्रृंगार गौरी मंदिर विवाद मामले में सिविल कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। वाराणसी के सिविल कोर्ट के जज रवि दिवाकर ने फैसला सुनाते हुए कहा है कि ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर चप्पे-चप्पे की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिये। कहा कि चाहे ताला खोलना पड़े या फिर तोड़ना पड़े, किसी भी सूरत में 17 मई तक सर्वे की रिपोर्ट उनके समक्ष प्रस्तुत की जाये। इतना ही नहीं कोर्ट ने दोनों तहखानों को खोलने और उसकी वीडियोग्राफी के भी निर्देश दिए हैं। इस दौरान कोर्ट ने अधिवक्ता कमिश्नर अजय मिश्रा को हटाने की मुस्लिम पक्ष की मांग को भी खारिज कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने अजय मिश्रा के साथ ही विशाल सिंह को भी एडिशनल कोर्ट कमिश्नर के तौर पर अटैच किया है।

ज्ञानवापी मस्जिद मामले में वाराणसी सिविल कोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने अपने आदेश में वाराणसी पुलिस कमिश्नर समेत अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो भी सर्वे का विरोध या अड़चन पैदा करे, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जाये। पत्रकारों से बातचीत के दौरान हिंदू पक्षकार के वकील सुधीर सिंह ने कहा कि कोर्ट ने दोनों तहखानों समेत मस्जिद के चप्पे चप्पे की वीडियोग्राफी का आदेश दिया है। इसके लिए ताला खुलवाना पड़े या फिर तोड़ना।

मुस्लिम पक्ष ने किया था विरोध
सिविल कोर्ट के आदेश के बाद हिंदू पक्षकारों ने एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर जश्न मनाया और कहाकि 17 मई को कोर्ट में सर्वे रिपोर्ट पेश होते ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। बीते दिनों कोर्ट ने इस मामले में 6 से 10 मई के बीच सर्वे और वीडियोग्राफी का आदेश दिया था, लेकिन मुस्लिम पक्ष के विरोध के चलते सर्वे नहीं हो सका था। वहीं, मुस्लिम पक्ष ने अधिवक्ता अजय मिश्रा के पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उन्हें बदलने की मांग की थी।