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घाघरा की बाढ़ का तांडव, नदी में समाया सैकड़ों साल पुराना पीपल का पेड़, वीडियो वायरल

बाराबंकी. Ghaghara River Flood: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में इन दिनों घाघरा नदी का तांडव जारी है। लगातार हो रही बारिश के बीच नेपाल से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी से घाघरा नदी का जलस्तर अचानक खतरे के निशान से 15 सेमी ऊपर पहुंच गया है। जिससे बाढ़ क्षेत्र के कई गांवों में नदी का पानी घुसना शुरू हो गया है। वहीं इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायर हुआ, जिसमें एक सैकड़ों साल पुराना पीपल का पेड़ घाघरा की उफनाती धारा और कटान में समा गया। जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया।

चंद सेकेंड में गायब हुआ सैंकड़ों साल पुराना पेड़
पूरा मामला बाराबंकी जिले की रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के बसंतपुर गांव का है। यहां गांव के बाहर लगा सैकड़ों साल पुराना पीपल का पेड़ घाघरा नदी की उफनाती धारा और कटान समा गया है। ग्रामीण पास खड़े देखते ही रह गए और चंद सेकंड में एक विशालकाय पीपल का पेड़ नदी में गिर कर डूब गया। वहीं इस मजारे को देखकर पास खड़े ग्रामीण हैरान हो गये। वहीं इश बीच नेपाल द्वारा फिर 3 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद तराई के हालात और ज्यादा बिगड़ गए हैं। नदी का जलस्तर जहां खतरे के निशान से 15 सेमी ऊपर पहुंच गया हैं।

बाढ़ से दहशत में लोग
घाघरा नदी का बढ़ रहा जलस्तर और कटान के चलते बाराबंकी जिले की रामनगर, रामसनेहीघाट और सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के लोगों में दहशत है। तीनों तहसीलों के करीब 25 गांवों में पानी भर जाने से हड़कंप मचा हुआ है और यहां के लोग सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन करने लगे हैं। इसके अलावा एक दर्जन से ज्यादा मकान नदी के निशाने पर आ गए हैं। रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के बसंतपुर गांव के बाहर लगा सैकड़ों साल पुराना एक विशालकाय पीपल का पेड़ कटान के चलते नदी में समा गया। नदी का यह रौद्र रुप देख तराई के लोग सहम गए हैं।