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वियतनाम मॉडल से मछली पालन कर इस शख्स ने सबको हैरत में डाला, कम लागत में इतना मुनाफा सुनकर सब हैरान

बाराबंकी. Fisheries: जनपद बाराबंकी में पिछले कुछ वर्षों में मछली पालन का व्यवसाय तेजी से बढ़ा है। बहुत से ऐसे लोग हैं जो इस क्षेत्र में कुछ नया कर रहे हैं। ऐसे ही एक मछली पालक मोहम्मद आसिफ सिद्दीकी भी हैं। उन्होंने वियतनाम जैसे देशों की तकनीक का इस्तेमाल किया और कच्चे तालाब में अति सघन विधि से मछली पालन किया। वियतनाम मॉडल से आसिफ को कम क्षेत्र में ज्यादा उत्पाद और बंपर मुनाफा मिला। इन्हें नवंबर 2021 में मत्स्य दिवस के मौके पर बेस्ट फिश फार्मर के पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसके साथ ही मोहम्मद आसिफ सिद्दीकी को कई अन्य अवार्ड और भी मिल चुके हैं। आसिफ कम क्षेत्र में ज्यादा मछलियों का उत्पादन करते हैं। यही नहीं उनसे सीखने कई राज्यों के युवा आते हैं। बाराबंकी जिले के देवा-कुर्सी रोड पर बन्धिया गंगवारा गाँव में इनका एक्यू फिशरीज फार्म है।

कई अवार्ड से हो चुके सम्मानित
राजधानी लखनऊ के चिनहट के रहने वाले आसिफ सिद्दीकी ने दिल लगाकर पढ़ाई तो की लेकिन सरकारी नौकरी की ख्वाहिश में नहीं उन्होंने पढ़ाई के दौरान ही अपने भविष्य की दिशा भी तय कर ली। ग्रेजुएशन के बाद नौकरी के लिए लाइन में लगने के बजाए बाराबंकी जिले के कुर्सी रोड स्थित गंगवारा में मछली पालन शुरू किया और उसको अपनी योग्यता से विस्तार देने लगे। यही कारण है कि महज़ चार-पांच साल में अपने छोटे से काम को बड़ा रूप दे डाला। उनकी लगन और मेहनत की मत्स्य पालन जगत में चर्चा होने लगी और इसके बाद सरकार ने उनको कई अवार्ड देकर सम्मानित किया।

वियतनाम की तकनीक का किया इस्तेमाल
आसिफ ने वियतनाम जैसे देशों की तकनीक का इस्तेमाल किया और कच्चे तालाब में अति सघन विधि से मछली पालन किया। काफी मेहनत करने के बाद आसिफ को इसमें सफलता मिली। उन्हें कम क्षेत्र में ज्यादा उत्पाद मिला। इससे आसिफ ने न सिर्फ अपने परिवार और प्रदेश का मान बढ़ाया बल्कि युवाओं को नई राह दिखाई। आसिफ सिद्दीकी ने बाराबंकी जिले के कुर्सी रोड पर गंगवारा गांव के पास स्थित छह एकड़ जमीन में तालाब बनाकर मछली पालन कर रहे हैं। कई मछली पालन करने वाले लोग 60 से 65 एकड़ जमीन में तालाब बनाकर मछली पालन करते हैं, लेकिन आसिफ सिद्दीकी छह एकड़ जमीन पर मछली पालन कर उससे कहीं अधिक कामयाबी हासिल की।