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UP विधानसभा चुनाव में भाजपा के मौजूदा 100 विधायकों का कटेगा टिकट, जानें लिस्ट में किसका होगा नाम

लखनऊ. UP Vidhan Sabha Election 2022. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 (UP Vidhan Sabha Election 2022) की तारीखों का ऐलान होते ही सभी राजनीतिक दलों ने टिकट को लेकर जोर-आजमाइश तेज कर दी है। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी ने भी रणनीति के मुताबिक अपने उम्मीदवारों के चयन को लेकर पूरी ताकत लगा दी है। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 (UP Election 2022) में बीजेपी ने अपने कैंडिडेट सेलक्शन के लिए कई राज्यों के अपने नेताओं की अलग-अलग टीम प्रदेश में उतार दी है। इनमें दिल्ली, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश और बिहार के नेताओं की टीम बीजेापी आलाकमान ने यूपी में तैनात की है। इसी टीम के कंधों पर कैंडिडेट के चयन के सर्वे का जिम्मा भी है। सूत्रों के मुताबिक यूपी विधानसभा चुनाव (UP Vidhansabha Chunav 2022) में बीजेपी के सौ से ज्यादा मौजूदा विधायकों का टिकट कटना एकदम तय है। ये वह विधायक होंगे जिन्होंने सरकार की उम्मीद के मुताबिक क्षेत्र में काम नहीं किया, या फिर उनको क्षेत्र की जनता बदलना चाहती है।

किस टीम को कहां की मिली जिम्मेदारी
भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) ने पश्चिमी यूपी (West UP) के लिए दिल्ली (Delhi) और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की टीम को लगाया है तो अवध क्षेत्र (Awadh Kshetra) और पूर्वांचल (Purvanchal) की सीटों पर गुजरात नेता लगाये गए हैं। वहीं पूर्वांचल में गोरखपुर क्षेत्र का जिम्मा बिहार की टीम देख रही है, तो रुहेलखंड में दिल्ली के नेताओं की जिम्मेदारी है। बुंदलेखंड और ब्रज के क्षेत्र में झारखंड और मध्य प्रदेश की टीम लगी हैं।

इन सवालों पर तैयार हो रही विधायकों की रिपोर्ट
भाजपा ने सूबे में कैंडिडेट के चयन के सर्वे के लिए एक प्रदेश स्तर के नेता को एक-एक मंडल की जिम्मेदारी दी है, जबकि तीन-तीन पदाधिकारियों को एक-एक विधानसभा क्षेत्र में लगाया गया है। बीजेपी की यह टीम करीब एक हफ्ते तक अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जाकर सर्वे करेगी। हर एक विधानसभा क्षेत्र में करीब 100 लोगों से राय लेकर अपनी रिपोर्ट यह टीम तैयार करेगी। यानी मौजूदा भाजपा विधायक को टिकट दिया जाए या किसी और नाम की चर्चा हो रही है। या फिर भादपा किसे मैदान में उतारे। इन्हीं सवालों को लेकर पार्टी एक सर्वे रिपोर्ट तैयार कर रही है। जानकारी के मुताबिक इसी रिपोर्ट के आधार पर भाजपा कई विधायकों के टिकट काटेंगी और कई मौजूदा विधायकों को टिकट देगी भी। यानी जिन विधायकों ने सरकार की उम्मीद के मुताबिक क्षेत्र में काम नहीं किया, या फिर उनको क्षेत्र की जनता बदलना चाहती है। उनके ऊपर टिकट कटने की तलवार लटक रही है।