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UP Elections 2022: यूपी का एक ऐसा मुस्लिम नेता बीजेपी भी है जिसकी जीत की तलबगार

लखनऊ. UP Elections 2022- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार एक ऐसा मुस्लिम कैंडिडेट है, भारतीय जनता पार्टी भी जिसकी जीत की तलबगार है। यूपी के चुनावी समर में भारतीय जनता पार्टी अब तक 300 से ज्यादा उम्मीदारों के नाम घोषित कर चुकी है। इनमें एक भी कैंडिडेट मुस्लिम नहीं है। 2014 के बाद से बीजेपी ने और न ही भगवाधारी एनडीए गठबंधन ने किसी भी मुसलमान को टिकट दिया है। लेकिन, इस बार एक मुस्लिम कैंडिडेट बीजेपी के साथ चुनाव मैदान में डटकर खड़ा है और भाजपाई भी शिद्दत से उसकी जीत की दुआ कर रहे हैं। हम बात कर रहे हैं बीजेपी की सहयोगी पार्टी अपना दल के घोषित कैंडिडेट हैदर अली खान उर्फ हमजा मियां की, जिन्हें कांग्रेस ने रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया था। लेकिन, चुनाव से ठीक पहले वह अपना दल में शामिल हो गये। उनके सामने आजम खान के बेटे व समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी अब्दुल्ला आजम की कड़ी चुनौती है। चूंकि अपना दल भाजपा के साथ गठबंधन में है, इसलिए भाजपा उन्हें सपोर्ट कर रही है। गठबंधन में शामिल अपना दल ने 2017 के विधानसभा चुनाव में 11 सीटों पर चुनाव लड़ा था। 9 पर जीत हासिल हुई थी। इस बार अनुप्रिया पटेल का अपना दल 19 सीटों पर चुनाव लड़ेगा। इनमें से एक सीट स्वार भी है।

32 वर्षीय हैदर अली ने लंदन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। एसेक्स यूनिवर्सिटी में भी पढ़ाई की है। अपना दल से टिकट फाइनल होने के बाद वह चुनाव प्रचार में जी-जान से जुटे हैं। दावा करते हैं कि स्वार की जतना उनके साथ है। बंपर जीत होगी। मतदाताओं के बीच वह हिंदी और अंग्रेजी में बोलते हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि मैं योगी महाराज के काम से बहुत प्रभावित हूं। मैं भी उनकी तरह विकास की बात करता हूं। आजम खान पर निशाना साधते हुए कहा कि वह सिर्फ दंगे कराते हैं। बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने का दावा करते हुए हैदर अली ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस बार भी बीजेपी 300 से अधिक सीटें जीतने जा रही है।

राजघराने से है ताल्लुक
लंदन रिटर्न हैदर अली का ताल्लुक रामपुर राजघराने से है। उनका पूरा खानदान कांग्रेस पार्टी के साथ रहा, लेकिन इस बार हमजा मियां ने पाला बदल लिया है और वह बीजेपी की सहयोगी पार्टी अपना दल के साथ आ गये हैं। हमजा मियां की नानी नूर बानो कांग्रेस के टिकट पर दो बार रामपुर से सांसद रही हैं वहीं, पिता नवाब काजिम अली खान उर्फ नावेद मियां कांग्रेस के टिकट पर चार बार विधायक बने। राज्यमंत्री भी रहे हैं। वर्तमान में वह कांग्रेस के टिकट पर ही वह रामपुर सदर से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। नावेद मियां यूपी के सबसे अमीर प्रत्याशियों में से एक हैं। उनके पर 2 अरब 96 करोड़ से अधिक की संपत्ति है जिसमें 2 अरब 94 करोड़ की संपत्ति उन्हें विरासत में मिली है।

पार्टी बदली, विरोधी वही
स्वार सीट पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। यहां 2002 से 2017 तक हैदर अली के पिता जी ही यहां से विधायक रहे हैं, लेकिन पार्टी कांग्रेस थी। 2017 में वह आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम से 65 हजार से अधिक वोटों से हारकर वह तीसरे नंबर पर रहे थे। दूसरे नंबर पर बीजेपी कैंडिडेट लक्ष्मी सैनी रही थीं। स्वार विधानसभा सीट पर इस बार मुकाबला दिलचस्प है। पार्टी बदली है लेकिन विरोधी वही हैं। कांग्रेस के नावेद मियां के स्थान पर उनके बेटे हमजा मियां अपना दल के टिकट चुनाव लड़ रहे हैं। सामने हैं सपा कैंडिडेट अब्दुल्ला आजम। जनता का मूड क्या है यह तो 10 मार्च को ही पता चलेगा, फिलहाल दोनों ही कैंडिडेट अपनी जीत के दावे कर रहे हैं।