Wednesday , February 8 2023

भारत में बन गया Bad Bank, कर्ज में डूबे सरकारी बैंकों के लिये बड़ी खबर, अगले महीने से करेगा काम

लखनऊ. कर्ज में डूबने के बाद से लगातार संकट से जूझ रहे तमाम सरकारी बैंकों के लिए बड़ी खबर है। इन बैंकों की स्थिति में सुधार के लिए अब अगले महीने के दूसरे हफ्ते से बैड बैंक कमान संभालने जा रहे हैं। इससे बैंक एकमुश्त लाभ ले सकते हैं। आपको बता दें कि एक अनुमान के मुताबिक सरकारी बैंकों के 22 खातों में 82,000 करोड़ रुपए का लोन फंसा हुआ है। बैड बैंक किसी भी बैड असेट को गुड असेट में बदलने का काम करता है। बैड बैंक से बैंकों की बैलेंस शीट सुधरेगी और उन्हें नए लोन देने में आसानी होगी। इससे देश के सरकारी बैंक नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) (Non Performing Asset) (NPA) से मुक्त हो सकते हैं। वहीं इन बैंकों की बैलेंस शीट (Balance Sheet) साफ-सुथरी होने से सरकार को भी राहत मिलेगी।

जानें बैड बैंक के बारे में

  • सरकार को अगर किसी बैंक का निजीकरण करना होगा तो उसमें आसानी होगी। बैड बैंक के जरिए फंसे हुए कर्ज यानी एनपीए की वसूली होगी।
  • बैड बैंक ने एसेट मैनेजमेंट कंपनी इंडिया डेट रेजोल्यूशन कंपनी लिमिटेड के लिए 50 पेशेवर अधिकारियों की भर्ती करने की योजना बनाई है।
  • अभी बैड बैंक के नियामक ढांचे पर काम किया जा रहा है। सरकार ने तीन महीने पहले IDRCL और नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी यानी NARCL की स्थापना की थी। अब ये दोनों कंपनियां मिलकर काम करेंगी।


आम आदमी के लिये BAD कैसे होगा Good

  • बैड बैंक एक एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी है, जिसका काम है बैंकों से उनके नॉन-परफॉर्मिंग एसेट या बैड लोन को लेना। यह कंपनी बैड एसेट को गुड एसेट में बदलती है।
  • बैंक जब किसी व्यक्ति या संस्था को लोन देता है और वह व्यक्ति या संस्थान लोन चुकाने में असमर्थ हो जाते हैं या लंबे समय से किस्त देना बंद कर देते हैं तो उसे बैड लोन या एनपीए मान लिया जाता है।
  • कोई भी बैंक अपने पास बैड लोन रखना नहीं चाहता क्योंकि इससे उनकी बैलेंस शीट खराब होती है। बैंक अपने ग्राहकों को नए कर्ज नहीं दे पाते। इसी मर्ज से छुटकारा देने के लिए एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी या बैड बैंक की स्थापना की जा रही है।
  • सरकारी बैंकों के 22 खातों में अनुमानित 82,000 करोड़ रुपए का लोन फंसा हुआ है। बैड बैंक किसी भी बैड असेट को गुड असेट में बदलने का काम करता है। बैड बैंक से सबसे बड़ा फायदा तो ये होगा कि बैंकों की बैलेंस शीट सुधरेगी और उन्हें नए लोन देने में आसानी होगी। इससे देश के सरकारी बैंक एनपीए से मुक्त हो सकते हैं। इन बैंकों की बैलेंस शीट साफ-सुथरी होने से सरकार को भी राहत मिलेगी।
  • सरकार को अगर किसी बैंक का निजीकरण करना होगा तो उसमें आसानी होगी। बैड बैंक के जरिए फंसे हुए कर्ज यानी एनपीए की वसूली के लिए कोशिशें की जाएंगी।
  • जानकारों के मुताबिक बैड बैंक ने एसेट मैनेजमेंट कंपनी इंडिया डेट रेजोल्यूशन कंपनी लिमिटेड के लिए 50 पेशेवर अधिकारियों की भर्ती करने की योजना बनाई है।
  • अभी बैड बैंक के नियामक ढांचे पर काम किया जा रहा है। सरकार ने तीन महीने पहले IDRCL और नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी यानी NARCL की स्थापना की थी। ये दोनों कंपनियां मिलकर काम करेंगी।