Monday , January 30 2023

सीएम योगी को भाई बताने वाली अपर्णा यादव यूपी की इस विधानसभा सीट से लड़ेंगी चुनाव, बीजेपी देगी टिकट!

लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 (UP Vidhan Sabha Chunav 2022) से पहले कई बड़े नेताओं का पार्टी बदलने का सिलसिला जारी है। नेताओं के दल बदलने के बीच एक ऐसी खबर चर्चा में है, जिसने मुलायम सिंह यादव के परिवार में खलबली मचा दी है। दरअसल समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के संरक्षक मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) के समधी हरिओम यादव (Hari Om Yadav) ने यूपी इलेक्शन (UP Assembly Election 2022) के पहले बीजेपी (BJP) का हाथ थाम चुके हैं, लेकिन अब मुलायम के छोटे बेटे प्रतीक यादव (Prateek Yadav) की पत्नी अपर्णा यादव (Aparna Yadav) के भी बीजेपी में शामिल होने की खबरें आ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक अपर्णा को लखनऊ की कैंट सीट से बीजेपी टिकट भी दे सकती है। इस खबर को लेकर सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चाएं हो रही हैं।

सीएम योगी को बताया था भाई
हालांकि Aparna Yadav के बयान हमेशा से परिवार और समाजवादी पार्टी की लाइन से अलग रहे हैं। वह 2014 में तब सुर्खियों में आईं जब उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की थी। अलग-अलग मौकों पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सेल्फी भी क्लिक की हैं। इसके अलावा साल 2017 में अपर्णा यादव ने कहा था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार प्रदेश में अच्छा काम कर रही है। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वास्तविक नाम अजय कुमार बिष्ट है। वह भी बिष्ट हैं। हम भी बिष्ट हैं। दोनों भाई-बहन जैसे हैं।

अयोध्या मामले में भी पार्टी लाइन से थीं अलग
वहीं अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने से पहले समाजवादी पार्टी राम मंदिर पर बोलने से बचती थी, लेकिन अपर्णा ने कभी इसकी परवाह नहीं की। नवंबर 2018 की बात है जब उन्होंने कहा था भगवान श्रीराम किसी पार्टी के नहीं हैं बल्कि सबके हैं। मैं तो भगवान श्रीराम के साथ हूं। चाहती हूं कि श्रीराम का मंदिर बने पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने की बात कही है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का भी इंतजार करना चाहिए।

हार चुकी हैं 2017 का विधानसभा चुनाव
सूत्रों के मुताबिक अगर अपर्णा यादव भाजपा में शामिल होती हैं तो, लखनऊ की कैंट सीट से बीजेपी उन्हें टिकट दे सकती है। आपको बता दें कि अपर्णा साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भी यहां से लड़ चुकी हैं, तब उन्हें यहां से हार का सामना करना पड़ा था। उस समय कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं रीता बहुगुणा जोशी ने लखनऊ कैंट से उन्हें हराया था। हार के बाद Aparna Yadav ने कहा था कि उन्हें ईवीएम ने नहीं, परिवार ने हराया है। अपर्णा यादव के इस बयान ने सपा परिवार और राजनीति में काफी हड़कंप मचाया था।

अपर्णा मुलायम की छोटी बहू
आपको बता दें कि Aparna Yadav की शादी मुलायम के छोटे बेटे से 2011 में हुई थी। अपर्णा ने मैनचेस्टर विश्वविद्यालय (Manchester University) से मास्टर डिग्री हासिल की है। साथ ही उन्होंने भातखंडे संगीत विश्वविद्यालय (Bhatkhande Music University) में नौ वर्षों तक शास्त्रीय रूपों में औपचारिक शिक्षा ग्रहण की है। वह ठुमरी की कला में माहिर हैं।