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अखिलेश यादव का भाजपा पर जुबानी हमला, कहा- ऐसी गैरजिम्मेदार सरकार पहली बार देखने को मिली

लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने सदन स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ऐसी गैरजिम्मेदार सरकार पहली बार देखने को मिली है। भाजपा सरकार की चालाकी यह है कि जो काम पहले हो गए या होने वाले हैं सबको अपनी उपलब्धि सूची में डाल लेती हैं। शिलान्यास को ही वे कार्य पूरा होना मान लेते हैं। दूसरों के काम पर अपना ठप्पा लगाना और नाम बदलना भाजपा सरकार का बाएं हाथ का खेल है। ऐसी गैरजिम्मेदार सरकार पहली बार देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 108 एम्बूलेंस सेवा बद-से-बदतर स्थिति में पहुंच गई है। महोबा में एम्बूलेंस न मिलने से अपनी पत्नी को ठेले पर लादकर चरखारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचा पति, यह दृश्य विचलित करता है। अम्बेडकरनगर में जहांगीरगंज सीएचसी में 6 माह से खून व एक्सरे जांच ठप होने के कारण लोग परेशान है। मरीज बाहर से महंगी जांच कराने के लिए मजबूर है। सोनभद्र जिला अस्पताल में स्टाफ की कमी है। 295 दवाएं होनी चाहिए जबकि है सिर्फ 71 दवाएं ही मौजूद है। लखनऊ के प्रतिष्ठित केजीएमयू में भी मरीज दवाओं का रोना रो रहे हैं।

डॉ0 लोहिया को पढ़ने की सीख पर बोले अखिलेश-

मुख्यमंत्री के डॉ0 लोहिया को पढ़ने की सीख देने पर अखिलेश ने कहा कि बहस इस पर नहीं है कि किसी विचारधारा को जानता हॅू या नहीं जानता हूूं। नेता सदन समाजवादी पेंशन को समाजवादी पार्टी की पेंशन समझ रहे थे। ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी पर उन्होंने कहा कि 10 हजार करोड़ का इन्वेस्टमेंट अगर होता तो सभी को दिखाई देगा। सरकार बजट को लेकर सिर्फ आंकड़ों से खेल रही है। भाजपा सरकार की इंडस्ट्रियल पॉलिसी से कम इन्वेस्टमेंट आया है। जमीन पर कुछ उतरे तब विकास माना जाएगा।

महंगई चरम पर-

अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार जनित महंगाई ने आम जनता के जीवनयापन में चुनौती खड़ी कर दी है। थाली से लेकर रोजी-रोजगार, काम-कारोबार, परिवहन, दवाई-पढ़ाई सब कुछ महंगाई से बुरी तरह प्रभावित है। भाजपा राज में डीजल-पेट्रोल, रसोईगैस सभी के दाम बढ़ने से घरेलू अर्थव्यवस्था बर्बाद हो गई है। मध्यमवर्ग इसका बुरी तरह शिकार हुआ है। किसान को खाद, बिजली, कीटनाशक, बीज सभी कुछ महंगे दामों पर मिल रहा है। महंगाई के कारण खेती की लागत भी नहीं निकल रही है। खेती घाटे में हमेशा से रही है। भाजपा सरकार ने इसे और महंगा तथा घाटे का सौदा बना दिया है।