Wednesday , March 22 2023

अडानी की वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर AAP का जोरदार प्रदर्शन, कहा- ये देश का सबसे बड़ा महाघोटाला

लखनऊ. आम आदमी पार्टी ने अडानी समूह के खिलाफ वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपों को देश का सबसे बड़ा महाघोटाला करार दिया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालयों पर प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति से) सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच और अडानी समूह के संस्थापक एवं अध्यक्ष गौतम अडानी के साथ-साथ सभी संबद्ध महत्वपूर्ण लोगों के पासपोर्ट जब्त करने की मांग की है।

अवध प्रांताध्यक्ष सूरज प्रधान ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों में देश के करोड़ों नागरिकों का अडानी की कम्पनी में साढ़े ग्यारह लाख करोड़ रुपया डूब गया जो उन्होंने अपने खून-पसीने से बचत कर निवेश किया था। आम आदमी पार्टी ने कहा कि अडानी का घोटाला पकड़ा गया तो उन्होंने कहा कि ये देश पर हमला है लेकिन हिंडनबर्ग ने तो अमरीका, जापान आदि देशों की कंपनियों का घोटाला भी उजागर किया फिर उन देशों के उद्योगपतियों ने ये नहीं कहा की ये उनके देश पर हमला है और अगर ये देश पर हमला है भी तो देश के प्रधानमंत्री मोदी को जरूर बोलना चाहिए लेकिन वो खामोश बैठे हैं।

“राष्ट्रवाद की आड़ में अपना भ्रष्टाचार छुपा नहीं सकते मोदी-अडानी”
उन्होंने कहाकि अडानी कोई भारत नहीं हैं और न ही भारत ही कोई अडानी हैं। लेकिन देश का दुर्भाग्य है की प्रधानमंत्री मोदी सिर्फ अडानी से अपनी दोस्ती निभाते रहे और देशवासियों के साथ विश्वासघात किया। जनता का ये पैसा अडानी की कंपनी में एस.बी.आई, पंजाब नेशनल बैंक और एल. आई. सी के माध्यम से निवेश किया गया था लेकिन पैसा डूबने के बाद अब मोदी जी खामोश हैं क्यूंकि उन्होंने देश के सारे संसाधन एक व्यक्ति गौतम अडानी को दे दिए जिसमें रेलवे, एयरवेज, कोयला, बिजली, पानी, सड़क, स्टील, तेल, सीमेंट गैस इत्यादि शामिल है। राष्ट्रवाद की आड़ में मोदी-अडानी अपना भ्रष्टाचार छुपा नहीं सकते।

आखिर किसकी मेहरबानी?
जिला अध्यक्ष रोहित श्रीवास्तव ने कहा कि अडानी दुनिया के दूसरे नंबर का अमीर बनने के बाद भी वो भारत के 15 टैक्स देने वालों की सूची में नहीं है, आखिर किसकी मेहरबानी से? उन्होंने कहा कि अडानी और उनके भाइयों ने मिलकर 38 फ़र्ज़ी कंपनियां खोलकर देश के साथ फ्रॉड किया है। एल. आई. सी. से 74 हज़ार करोड़ रुपया अडानी को दिलवा दिया गया। एस बी आई से 35 हज़ार करोड़ रुपया कर्ज़ा दे दिया गया जबकि एक मज़दूर को अगर 35 हज़ार रूपये कर्ज़ा लेना हो तो उसकी चप्पल घिस जाती है फिर भी आसानी से कर्ज़ा नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता राज्यसभा सांसद यूपी प्रभारी संजय सिंह ने सदन में 267 के आधार पर अडानी के घोटाले पर चर्चा की मांग की। अमृतकाल में इस ज़हरीले घोटाले की जांच हो क्यूंकि इसमें निवेशकों के साढ़े ग्यारह लाख करोड़ रूपये डूब गए हैं लेकिन सरकार किसी भी हालत में जांच के लिए तैयार नहीं है।

विरोध-प्रदर्शन में ये मौजूद रहे
विरोध प्रदर्शन में वरिष्ठ नेता ब्रज कुमारी सिंह, नीलम यादव, वंशराज दुबे, विनय पटेल, इस्मा जहीर, सबीना सिद्धकी, प्रीतपाल सलूजा, आलोक सिंह, सुभाषनी मिश्रा, इरम रिज़वी, संगीता जायसवाल, मजीद अली, बृजेश तिवारी, अंकित परिहार, ललित वाल्मीकि, जॉनी, पंकज यादव, वसीम सिद्दीक़ी, सईद सिद्दीकी, ललित तिवारी, असद अब्बास, मो तकी, अमित चोपड़ा, अर्पित, शुभम, अमान, सलमा, राहुल, नाज़िश, दीपक श्रीवास्तव, शिवभोला, प्रीती, शैलेश, अनुराग पाल कमाल, गुड़िया, शहंशाह, विनोद, साहिल सहित भारी संख्या में कार्यकर्त्ता मौजूद रहे।